धरती की हवा

धरती की हवा का रूख बदल गया
हम इंसानों की गलतियों की सजा का
परिचय कोरोना के कहर रूपी तूफां से
रूबरू करा दिया,
जाने कितनी दफा प्रकृति की सुंदरता
दांव पर लगी,
उसका खामियाजा हर इंसान भुगत रहा
बिगड़ गई धरती की हवा पानी पर्यावरण
का हुआ सत्यानाश।
वक्त है बाकी संभल जाओ प्रकृति के रक्षक
बचा लो अपनी धरती का अभिमान।
कर लो प्रण सभी मिलकर, करें हरियाली
का निर्माण,बनाये स्वच्छ पर्यावरण फैला कर
ये जन-जन में संदेश चलो चलाये एक अभियान।

Published by भोली_सी _ख़्वाहिशें_025_official

🌹इस दिल ने कभी किसी का बुरा नहीं चाहा ये बात और है कि हमें साबित करना नहीं आया🌹

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