ख़ुशियों का दरवाज़ा
खुल जाता है ख़ुशियों का दरवाज़ा जिस घर
मेरे कान्हा का वास है होता,
मिट जाते है सारे दुख दर्द जिस घर मेरे कान्हा के
सत्संग का गुणगान है होता,
सौंदर्य और शुद्ध वातावरण से परिपूर्ण हो
जाता वो आशियां जहाँ मेरे कान्हा का श्रृंगार
है होता,
होता अन्नपूर्णा का वास जिस घर नित प्रथम भोग
कान्हा का है लगता,
रोशनी से भर जाता वो आशियां जहाँ मेरे कान्हा
प्रातः संध्या का दीप है जलता,
बन जाते सब बिगड़े काम जो ‘वृंदावन’धाम का
दर्शन है कर लेता।
जय श्री राधे कृष्णा 🙏🏻