बिखरते फूल
संभाल कर रखों फूलों से कोमल भावों
वाले रिश्तों को,
अक्सर एक गलतफहमी रूपी कीड़ा
ग़र लग जाये तो रिश्ते बिखरा देता है
अपने अटूट विश्वास रूपी खाद और
सम्मान रूपी नीर से ग्रहण करो
ग़र तुम्हें अपने माली रूपी बड़े की कोई
काँटा रूपी बात चूभती है तो हमेशा याद
रखना काँटा रूपी सलाह आपको भटकने
से रोक लेती है,जैसे फूलों की हिफाज़त
काँटों से होती है,वैसे ही तुम्हारी हिफाज़त
बड़ो की दी गई सलाह से होती है,
हर रंग के रिश्तो के फूलों से सजी बगिया
आपके माली रूपी बुजुर्गो ने बड़े परिश्रम
से सजाई है,
इस गुलज़ार रिश्तो के गुलिस्तां को तुम
पतझड़ में न बदलने दो,
मिलती है उनकों ख़ुशी जब उनके हर रंग
के रिश्ते उस बगिया में खिलते हैं
उनकी इस मुस्कान को उदासी में न
बदलने दो।