रहमतों की रात
रहे आबाद आशियां सबका हर रात रहमतों भरी
हो जायें
अधूरी ख़्वाहिशें पूरी हो हर रात रहमतों
भरी हो जाये
बरसे बरकत हर आँगन ऐसी ये ख़ुशी हर घर में आये
रहे न कोई मायूस उदास हर रात ऐसी बरसात लग जाये
बीत जाये ये डरावनी काली रातों का सिलसिला
रोशनी से फिर भर जाये हर आशियां घर जिनके अंधेरी
है छाई ऐसी हर रात रहमतों भरी हो जाये
ये रहमतों वाली रातें आती खुशनसीबी से मिले हर इंसान को
ये तोहफा रब की रहमतों से भरा।
तांडव खत्म हो जाये फिर हर आशियां आबाद और न टूटकर
बिखरे घर परिवार।