हर युवा बुजुर्ग बच्चों की आंखो में ईद
के सपने सुनहरे
किसी कि पुरानी ईद की याद तो किसी
कि ईद को सुनहरी याद में मनाने की
उत्सुकता,
हर माँ बेटी बहु के हाथों में सजती ईद
की मेहंदी का रंग,
सजी बाजारों में मिठाई की दुकानें फिज़ा
में लहराती सुगंधित खुशबू है चार चाँद लगाती
लड़िया प्रकाशों से रंगबिरंगे सुनहरी सी धूप लहरों
सी बहती।
उंमग और हर्ष उत्साह से भरपूर वो चाँद
वाली रातें हो जाती सुहानी
सजदे में सिर झुके पाक नमाज के सामने, मँगे दुआ
सलामती की।
मुराद हो पूरी हर सवाली की ये मुरादों वाली
रात है हर एक बंदे-बंदी की।
ये ईद का दिन है ये ईद की मुबारकबाद भरी रात है