जीवन राग अनोखा
ये जीवन भी बड़ा कमाल का राग है
दुख भरा राग रूपी दुखड़ा विलापोगे
दुनिया तुम्हे जीने न देगी।
खुश रहोगे तो ये दुनिया सर आँखों पर
तुम्हें बिठायेगी,
सीख लो ख़ुद का सहारा बन कर जीना
वर्ना दुनिया तुम्हें मूर्ख समझ तुम्हारा तमाशा
बना डालेगी।
दुख कितना भी हो न करना दुनिया के सामने
जाहिर
वर्ना ये दुनिया हर रिश्ते में तुम्हें नफ़रत भर
तुम्हें अपमानित कर तिरस्कृत ही करेगी।
ये करता है तुम पर निर्भर कि तुम कौन सा
जीवन राग आलापना चाहोगे।
दस्तूर है दुनिया का या तो गिराये जाओगे
या उठाये जाओगे।