रास्ता बुलाता है
हाथ थाम हमारा ख्वाबों से भरा रास्ता हमें बुलाता है
नादां सा मन हमारा हकीकत से रूबरू होकर भी
ख़्वाहिशों के साये तले ही रह जाना चाहता है।
भय लगता है अक्सर ख्वाबों को संजोने से
पर ख़्वाहिशों की अपनी दुनिया से नाता बड़ा
गहरा लगता है।
अक्सर मिलती है हकीकत की दुनिया से मायूसी
मगर ख़्वाहिशों की दुनिया से सुकँ भरा लम्हा
हसीन सा लगता है।
वो रास्ता हमें बुलाता है जहाँ ख़्वाहिशों की दुनिया
हमारी बसा करती है।
बड़े निस्वार्थ से लगते है ये ख्वाब ,इन्ही में खोये
रहना बड़ा अच्छा लगता है।