ओ प्यारे आम
लो आ गया मौसम तुम्हारा भी बागों की हर
डाल पर देखो कितना इठलाते हो मीठी-मीठी
सौंधी खुशबू से महक उठा है सारा बागान,पेड़
की हर डाली पर मानों हो तुम्हारा राज कच्चे पक्के
प्यारे आम।
सब के दिलों को है लुभाये क्या बच्चा क्या बुजुर्ग
क्या युवा हर दिल का राजा है आम,
जाने कितनी किस्में है तुम्हारी अल्फान्सो,लंगड़ा
तोतापुरी,केसर,दशहरी हर राज्य हर प्रांत में तुम्हारी
प्रसिद्धी है बेशुमार,तुमको पाकर हर कोई ख़ुश हो
जाता हो तुम सबके प्रिय प्राण।