मंज़िलें मिल जाऐंगी

कहीं ये हमारा ख्वाब बनकर न रह जाये
मुकद्दर हमारा बनते बनते न रह जाये
तमन्ना रखते है हम भी हकीकत में बदलती
हर ख़्वाहिश की,

कहीं नाकामयाबी हमारी हमारा विश्वास न
तोड़ दे,तुम पर जो इतना अटूट विश्वास है
जाने और कितना इम्तिहान लोगे कान्हा,

कब हमारा दामन खुशियों से भरकर,
हमारे जीवन से उदासीपन को दूर करके
हकीकत रूपी मंजिल तक पहुँचाओगे
कान्हा,
जय श्री राधे कृष्णा 🙏🏻

Published by भोली_सी _ख़्वाहिशें_025_official

🌹इस दिल ने कभी किसी का बुरा नहीं चाहा ये बात और है कि हमें साबित करना नहीं आया🌹

Leave a comment

Design a site like this with WordPress.com
Get started