जानें कौन सी ख़्वाहिश हकीकत में बदलकर
एक सुनहरी याद का पन्ना बन कर ज़िन्दगी की
किताब के पन्नों में शामिल हो जाये,
नहीं जानते नये दिन का नया सवेरा जाने कैसा
आयाम ले,अच्छा हो बुरा हो बस हम तो उससे
रूबरू होना है जानते,
लिखा जो लेख विधाता ने उसको न हम दरकिनार
कर पायें,मगर हो जाये लेख सुकून भरा पन्नों में
शामिल यही तमन्ना लिए हम दिन की शुरुआत
हैं करतें,