ओ आलस

जाने कैसा है तुझको हमसे बैर क्यो निभाये हमसेशत्रुता इतनी,बिगड़ गई जीवन शैली दिनचर्याहुआ तो तू हम पर इतना हावी कि सफलता कीसीढियां हम न चढ़ पाते, जागरूकता की कमी केकारण आलस तू हमसे रूबरू हो हममें सुस्ती है लाता,तेरे कारण हर निर्धारित कार्य विस्मृत है हो जाता ।कभी देर से जागना सोना तेरी इन्हीContinue reading “ओ आलस”

ज़िन्दगी पास तो आ

गुज़ारिश है तुझसे ऐ ज़िन्दगी पास तो आमाना गुजर रही है जिन्दगी बदनसीबी केसाये तले। पत्थर सा हुआ दिल अब,धुँध है छाई खुशियोंकी लहरों पर।ग़मो की जाने कैसी बाढ़ है आई,ख़्वाहिशेंहमारी साथ बहा ले गई। मिल जाये किनारा ख़ुशियों को हमारी भीएक दफा हम पर तू मेहरबां हो जा जरा सी,हो न जाये मायूस येContinue reading “ज़िन्दगी पास तो आ”

ऐ क़लम

जो हर इंसान के बेबसी भरे आंसू पोंछ उनकी खामोशी की आवाज़ बन उनके हक दिलाने की ताकत बन उनका सहारा बनती है क़लम,छोटी छोटी कमी हो या बड़े से बड़ा हुनर सामने लेकर आने की ताकत रखती है क़लम, धुँध में खोती ज़िन्दगी के हर पड़ाव प्रेम भाव,दुखद-भाव,सुखद-भाव हर भाषा में अल्फाज़ों को ढ़लाContinue reading “ऐ क़लम”

तकदीर बदलती है

कैसा ग़म करना जीवन में तकलीफ तोआती-जाती रहती हैंक्यो रोना अपने कर्मो को जिन्दगी फिरएक अवसर देती हैक्यो बैठना थक हार कर जैसा भी खेल हैइन संघर्षो का बस इम्तिहान देते जाना हैतकदीर का क्या है वो तो क्षण क्षण हाथकी लकीरों सी बदलती रहती हैजय श्री राधे कृष्णा 🙏🏻

भाग्य भरोसे कुछ नहीं

याद रखना हमेशा आपका कर्म आपका हुनरआपकी पहचान है। कर न लेना विलुप्त अपने आत्म विश्वास कोभाग्य के लेख के अधीन। बदल जाता है भाग्य का लेख भी ग़र अपनेकर्म लक्ष्य और आत्मविश्वास पर यकीं हो। यूँ ही न बैठ जाना थक हार कर भाग्य सेअपने ग़र अपने हाथों की बंद मुट्ठी कीलकीरों पर यकींContinue reading “भाग्य भरोसे कुछ नहीं”

साँझ ढ़ले की रोटी

साँझ ढ़ले की रोटीवो मिट्टी का चूल्हा वो उपले की आँच परअम्मा के हाथ की साँझ ढ़ले की मीसी रोटीवो कच्चे आम की चटनी और वो ताजा मट्ठाआज भी याद आता हैंयाद है वो अम्मा की चूल्हे पर झुकी पीठफूंकनी से बुझती आग को सुलगाने की कोशिशकर धुयें को दबाने की कोशिश करती हैकभी हाथContinue reading “साँझ ढ़ले की रोटी”

याद आती है

याद आती है बहुत आपकी पापाउस पल में जब जिन्दगी के विकटपरिस्थिति के इम्तिहान को देते हुएथक जाते है, कशमकश भरे सवालोंसे मन हमारा हमको ही बहुत परेशानकरता है,सुनता नहीं कोई हमारी तकलीफजैसे आप हमारे बोलने से पहले समझजाया करते थे।आती है उस पल में आपकी याद जब हमेंसहारे की जरूरत होती है और आपसेसहाराContinue reading “याद आती है”

रास्ता बुलाता है

रास्ता बुलाता हैहाथ थाम हमारा ख्वाबों से भरा रास्ता हमें बुलाता हैनादां सा मन हमारा हकीकत से रूबरू होकर भीख़्वाहिशों के साये तले ही रह जाना चाहता है।भय लगता है अक्सर ख्वाबों को संजोने सेपर ख़्वाहिशों की अपनी दुनिया से नाता बड़ागहरा लगता है।अक्सर मिलती है हकीकत की दुनिया से मायूसीमगर ख़्वाहिशों की दुनिया सेContinue reading “रास्ता बुलाता है”

बुद्ध विचार शुद्ध विचार

वो दिन था बैसाख का वो रात्रि थी पूर्णिमा कीमाता महामाया के गर्भ से लुम्बिनी ग्राम केशुद्धोधन के आँगन में जन्म हुआ सिद्धार्थ काहुआ विवाह यशोधरा से हुआ पुत्र रत्न राहुल कीत्याग कर ग्रहस्त जीवन दिव्य ज्ञान की प्राप्ति हेतुतप करने निकल पड़े वो राजमहल सेवर्षों की तपस्या के बाद बोधगया के पीपल केवृक्ष केContinue reading “बुद्ध विचार शुद्ध विचार”

हर समस्या का समाधान

अपने अंतर्मन के बंद दरवाज़े को खोल कर देखोंबड़े से बड़े विकट सकंट का समाधान मौजूद हैअपने अंतर्मन की गहराई में झाँक कर तो देखोंमिट जाये सब दुख दर्द कभी ईश्वरीय भक्ति कामरहम लगा कर तो देखों।मिलेगी हार न कभी अपने अंतर्मन में अपने ईश्वरको बसा कर तो देखों।बहुत हुए इस जग पर मेहरबान एकContinue reading “हर समस्या का समाधान”

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