माँ की मोहब्बतख़ुशी से झूम उठी माँ जब बाल अवस्था मेंजब पहला कदम हमारा जमीं पर आगे बढ़ा।गद गद हुई माँ जब पहली दफा हमसे माँ शब्द सुनाजाते जब हम विद्यालय तो दही चीनी का शगुनखिला कर भेजती माँहो जाती देर कभी घंटो दरवाज़े पर खड़ी राहतकती हमारी माँदेर रात तक परीक्षा के दिनों मेंContinue reading “माँ की मोहब्बत”
Author Archives: भोली_सी _ख़्वाहिशें_025_official
क्या पाया क्या खोया
दुनियाइस दुनिया में आकर हमने क्या पाया क्या खोयाये हम जानते हैं या हमारा दिल जानता हैं।सहते हैं हम दर्द कितना ये हम जानते है याहमारा दिल जानता है।क्या होता है तन्हापन क्या होती है बदनसीबीये हम जानते हैं या हमारा दिल जानता है।कहते नहीं हम दुखड़ा अपना सुना है तमाशाबेशुमार होता है।चुप रह करContinue reading “क्या पाया क्या खोया”
दुनिया
दुनियाजीवन का आधार है दुनिया हर ग़म के सायेसे अछूती नहीं दुनियापा लो तो खुशी खो दो उदासी सिक्के के दो पहलूसी लगती है ये दुनियाजीवन की हर ॠतु से सजी है दुनिया,हर पहलुमें ढ़ली है दुनियाबेहतरीन सा हो एक ऐसा मौसम तन्हाई सेजुदा हो हर एक दुनिया का कोनाग़म में सिमटती सी लगती हैContinue reading “दुनिया”
दौलत की ताक़त
जब तराजू में औहदा और दौलत की तुलना है होतीजीत जाती दौलत औहदा हमेशा की तरह हार जाताघुटने टेक देती इंसानियत दौलत सिर उठा कर जीतीहावी होती इस कदर अपनों को भूला देती,घरों मेंदीवारें ये करा देती,शिक्षा,रोजगार,नौकरी रिश्वत का रूप ले ख़ुद परबड़ा इठला रही।अमीरों की तिजोरी में शान बढ़ा जाने कितना घमंडदिखाती।गरीब को हरContinue reading “दौलत की ताक़त”
बिखरते फूल
बिखरते फूलसंभाल कर रखों फूलों से कोमल भावोंवाले रिश्तों को,अक्सर एक गलतफहमी रूपी कीड़ाग़र लग जाये तो रिश्ते बिखरा देता हैअपने अटूट विश्वास रूपी खाद औरसम्मान रूपी नीर से ग्रहण करोग़र तुम्हें अपने माली रूपी बड़े की कोईकाँटा रूपी बात चूभती है तो हमेशा यादरखना काँटा रूपी सलाह आपको भटकनेसे रोक लेती है,जैसे फूलों कीContinue reading “बिखरते फूल”
आदर सत्कार
आदर-सत्कार प्रेम कराये भावों का आदर सत्कार नीर कराये प्यास का आदर सत्कार उत्तर कराये प्रश्न का आदर सत्कार फल कराये कर्म का आदर सत्कार इन्सानियत कराये सेवा भाव का आदर-सत्कार विचार धारा कराये सकारात्मकताका आदर-सत्कार रिश्ते कराये इंसान का आदर-सत्कारसत्संग कराये ईश्वर का आदर-सत्कार इम्तिहान के तजुर्बे कराये सुकून भरे जीवन का आदर-सत्कार दुखContinue reading “आदर सत्कार”
मरने के बाद
न कर अभियान इतना धन पर तू बंदेबाद मरने के साथ तेरे न जायेगारह जायेगा सब यहीं जग से तूखाली हाथ जायेगान कर तेरा मेरा इतना तू बंदे बादमरने के साथ तेरे न जायेगाआज जो तेरा है कल किसी औरका हो जायेगा,न कर अंहकार इसतन पर बंदे बाद मरने के साथ तेरेन जायेगा,कंचन जैसी कायाContinue reading “मरने के बाद”
आपके पहलू की छाँव
आपके पहलू की छाँव के सिवा और कोई अपना नजर नहीं आता माँ इस बेबसी भरे जीवन में एक तुम्हारे सिवा हमारी भावनाओं को समझने वाला और कोई अपना नजर नहीं आता माँ,एक तुम ही हो माँ जो हर कदम हमारे जीवन के हर उतार-चढ़ाव भरे समय में हमेशा हमारे साथ खड़ी रहा करती होContinue reading “आपके पहलू की छाँव”
बिगड़ते हालात
बिगड़ते हालातों को देखकर हर आशियां में छा गया सहमापन,उड़ गये रंग खुशी के लम्हों में लग गया ग्रहण खुशहाली में,कहीं बिखरे आशियां तो कहीं पसरा सन्नाटाकहाँ जाकर रूकेगा ये बिगड़े हालातों का तूफां प्रकृति भी खेल रहीं जानें कैसा खेल,करके अपनों को अपनों से जुदा मंद-मंद मुस्कुरारही, करके कैद जिन्दगी सभी की प्रकोप अपनादिखाContinue reading “बिगड़ते हालात”
सुख दुःख के साथी
सुख दुःख के साथीकृष्णा-सुदामा की जोड़ी थी बड़ी बेमिसालएक था ब्राहमण का छोरा तो दूजा दवारकाका राजाएक झोपड़ी का रहने वाला तो दूजा महलोंका नदंलालनहीं पड़ा कोई प्रभाव स्वार्थता का,रहा सदानिस्वार्थ भावसुख-दु:ख के दोनों साथी,थी डोर बड़ी अटूटविश्वासी।बचपन के थे दोनों साथी गुरुकुल की शान थे।रहते संग हर पल दोनों सुख दुःख होते साँझादोनों केContinue reading “सुख दुःख के साथी”