निकल न जाना दूर इतना भी अपने अति-आत्मविश्वासके जहाज में सवार हो, कि जब तुम आत्म-विश्वास की जमीं पर उतरो तोख़ुद से नजरें भी न मिला पाओ। भरना उड़ान उतनी ही जितनी जरूरी हो कभी-कभीज्यादा ऊँचाई की उड़ान भी हानि पहुँचाती है।
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प्यार से सजाइये
हृदय के भावों को अपने मधुर वाणी रूपीप्रेम से सजाइये,मिटा कर अहंकार, ईर्ष्या रूपी भावों कोजीवन से अपने और हर इंसान के हृदयमें प्रेम का दीप जलाइये,क्या रखा है इस जग में सिवा प्रेम के हृदयमें सभी के इस कदर बस जाइये,प्रेम भाव से बोला गया एक मीठा मधुर बोलआपकी हृदय की सुंदरता के साथContinue reading “प्यार से सजाइये”
भाई की अनमोलता
भाई की अनमोलतावो रिश्ता बड़ा अनमोल हैवो करके कठिन परिश्रम करकेवो समझे अपनी बहन की हर खामोशी कोकभी एक पिता सा साया बन कर जिन्दगीके तजुर्बे से रूबरू कराये।कभी एक भाई होने का अपनी जिम्मेदारी कोबखूबी निभाये।कभी न हमें सताये वो भाई है जो उदास चेहरे परभी ख़ुशी की लहर ले आये।ये छाँव हमेशा हमContinue reading “भाई की अनमोलता”
मनोरम ख्वाब
मनोरम ख़्वाबदेखा बड़ा ही मनोरम ख़्वाब अर्ध रात्रि किचल पड़े हैं रूके कदम, मानों आसमां को छूने को उठ पड़े है कदमअसहनीय पीड़ा से मिला छुटकारा ये सोचमन उत्साहित हो उठा, निकल पड़े अंजान राहों पर दुनिया से हो बेखबरसैर करने,कभी दौड़ते कभी उछल कर पेड़ की टहनियोंको पकड़ने की कोशिश करते। कभी खिलखिलाते कभीContinue reading “मनोरम ख्वाब”
तलाश ख़ुद की
दुख हो सुख हो इनके अतिरिक्त भी जीवन हैहमारा ईश्वर हमारा सारथी और हमारा जीवन-दाता हैबाकी है तो ख़ुद में ख़ुद की तलाश जो कि ताउम्र सेजारी है और जारी रहेगी,दूसरों से क्या गिले शिकवे करना शिकायत हो जो भी ख़ुद से ही है जो भी खलिश सी दिल मेंअभी बाकी है,दुनिया से झगड़ा करContinue reading “तलाश ख़ुद की”
प्यारी सखी जिन्दगी
प्यारी सखी जिन्दगीकष्टों को सहन करते करते जिन्दगीहमारी पीड़ा सखी बन गई,हमारे संघर्ष भरी दास्ताँ सुनी तो हमारे संगफूट फूट कर रो पड़ी।व्यथा में हमारी रोई इतना कि जग में परिहासका कारण बन गई,जागी फिर से जीने की तमन्ना तो दुनिया कीनफ़रत भरी निगाहों में खटक उपहासका कारण बन गई,दर्द के मन रूपी पंछी तुझेContinue reading “प्यारी सखी जिन्दगी”
जीवन राग अनोखा
जीवन राग अनोखाये जीवन भी बड़ा कमाल का राग हैदुख भरा राग रूपी दुखड़ा विलापोगेदुनिया तुम्हे जीने न देगी।खुश रहोगे तो ये दुनिया सर आँखों परतुम्हें बिठायेगी,सीख लो ख़ुद का सहारा बन कर जीनावर्ना दुनिया तुम्हें मूर्ख समझ तुम्हारा तमाशाबना डालेगी।दुख कितना भी हो न करना दुनिया के सामनेजाहिरवर्ना ये दुनिया हर रिश्ते में तुम्हेंContinue reading “जीवन राग अनोखा”
सैलाब ए गम
जाने हमारी कितनी ख्वाहिशें जिन्दगी कीकिताब के पन्नों में कुछदर्द कुछ अनसुलझी सी उलझन काबड़ा ही मार्मिक वर्णन है,रखी है दुनिया से दूरी बना रिश्तों सेजुड़े और टूट जाने का भय लगता हैबंद किताब को कर हमने हमारी तकलीफको दबा रखा है।जानते हैं सुनेगी दुनिया जरूर मगर कुछकर न पायेगी,हमारे असहनीय पीड़ा का सैलाब इनContinue reading “सैलाब ए गम”
एक संघर्ष (रोजगार)
एक संघर्षआजाद पंछी सा हुआ करता था वो इंसान कभीदुनियादारी से बेखबर हो अपनी ही दुनिया में खोयारहता था कभी,हुआ करता था हकीकत से अंजान कभी रिश्तो कीसमझ न हुआ करती थी कभी,जिन्दगी के संघर्ष भरे दौर से सामना न किया था कभीदेखी न थी कभी उसने दुनिया की कड़क धूप,आया जिन्दगी में एक मोड़Continue reading “एक संघर्ष (रोजगार)”
ख़ुश रहना
दिल हो चाहे कशमकश भरा कितना हीअनसुलझे सवालों से घिरा हो कितना हीआंखों में छाई हो मायूसी की धुँधलाहट कितनी हीमन को आजाद पंछी बना करके नयनों को पंख बनाखुले आसमां में उड़ान भरा देनाजेब भले खाली हो जैसे कोई टूटती कोई डाली होख़ुशियों की मुस्कुराहट मुट्ठी में भरकर भुजाओं कोअपनी इस कदर फैला लेनाContinue reading “ख़ुश रहना”