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दिल की ख़्वाहिश
भोले से मन की भोली सी तरूणा की ख़्वाहिश हैबस इतनी सी, जब भी हकीकत के साज़ पर उम्मीद की कोईधुन हम बजायें तो ग़मों के सुर सिमट जाये औरख़ुशी के सरगममय सुरों से संगीतमय रूपी जीवनका वातावरण शुद्ध हो जाये। ग़र लगते ये ख़्वाहिशों के सुर बेसुरे तो जीवन बे-ताली सा लगता है। ग़मोContinue reading “दिल की ख़्वाहिश”
वो दिन पुराने
वो दिन याद आते हैं जब अपने वतन की सौंधीमिट्टी के बने चूल्हे पर बनी गुड़ और अदरक वाली चाय का मजा परिवार संग मिट्टी के बनें कुल्हड़ में लिए जाता था, जबसे मिट्टी के चूल्हे की जगह आधुनिक चूल्हे ने ले ली और कुलहड़ की जगह पाश्चतय शैली केचीनी मिट्टी के कपो ने लेContinue reading “वो दिन पुराने”
अक्षय तृतीय
कहते इसको अक्षय तृतीया आखातीज के नाम से भी जाना जाता,होते पूर्ण सब मंगल कार्य बैसाखी मास के शुक्ल पक्ष कीतृतीय तिथि शुभ है माना जाता,हुआ प्रादुर्भाव भविष्य के नये युग सतयुग और त्रेता युगयही पावन दिन को शुभ है माना जाता,होते कमल चरण के दर्शन इस दिन बाँके बिहारी जी केहोता वो बड़ा हीContinue reading “अक्षय तृतीय”
ईद मुबारक
हर युवा बुजुर्ग बच्चों की आंखो में ईदके सपने सुनहरे किसी कि पुरानी ईद की याद तो किसी कि ईद को सुनहरी याद में मनाने कीउत्सुकता,हर माँ बेटी बहु के हाथों में सजती ईद की मेहंदी का रंग,सजी बाजारों में मिठाई की दुकानें फिज़ा में लहराती सुगंधित खुशबू है चार चाँद लगाती लड़िया प्रकाशों सेContinue reading “ईद मुबारक”
माना कि ज़िन्दगी
माना कि ज़िन्दगी ख़ुशियों से गुलज़ार है फिर भी कतरे-कतरे में जिन्दगी बिताने पर मजबूरहो जाया करते हैं,जिन ख़ुशियों की ख़ातिर हम लम्हा लम्हासुकँ की तलाश किया करते हैं,लेकर ज़िन्दगी के बदलते हर दौर की अनुभूति ज़िन्दगी के गणित का समीकरण किया करते हैं, कितनी धूप रूपी संघर्ष का सामना किया कितनी ख़्वाहिशें हकीकत मेंContinue reading “माना कि ज़िन्दगी”
ख़ुशियों की बरसात
ख़ुशियों की बरसातअभिनंदन ख़ुशियों का मन रूपी उपवन में होजाने दो,झूम कर आये बिन सावन ख़ुशी जिन्दगीमें तो हर मौसम सावन का महीना सा हो जाने दोयूँ न घिरे बैठो ग़मो की घटा तले, सुकँ रूपी शीतल सी हवा का आगमन जीवन मेंअपनें होने दो,क्यों सँजो कर बैठै हो भूली-बिसरी ग़म भरीयादों को हो जानेContinue reading “ख़ुशियों की बरसात”
इश्क़ का पैग़ाम
इश्क़ का पैग़ामहर दिल में यही पैग़ाम पहुँचाना है,नफ़रतों कोमिटा हर कठोर दिल मोम सा बनाना है रख कर नफ़रत दिलों में इतनी क्या करोगे।हर ग़म का नामों निशां दिलों से सबके मिटाना है हर दिल में प्रेम भाव का पैग़ाम पहुँचाना हैक्यों करते हो बेकदरी इश्क़ की ये तो रब कादिया नायाब तोहफा हैContinue reading “इश्क़ का पैग़ाम”
रहमतों की रात
रहमतों की रातरहे आबाद आशियां सबका हर रात रहमतों भरीहो जायेंअधूरी ख़्वाहिशें पूरी हो हर रात रहमतोंभरी हो जायेबरसे बरकत हर आँगन ऐसी ये ख़ुशी हर घर में आयेरहे न कोई मायूस उदास हर रात ऐसी बरसात लग जायेबीत जाये ये डरावनी काली रातों का सिलसिलारोशनी से फिर भर जाये हर आशियां घर जिनके अंधेरीहैContinue reading “रहमतों की रात”
चलते-चलते
चलते-चलतेचलते चलते इस जीवन पथ पर जाने कितने मुसाफ़िर मिलेजुड़े कितने अनमोल रिश्ते जीवन का सहारा बने कुछ रिश्तों ने अपनापन दिया कुछ ने दिया परायापनकुछ ने छुड़ा लिया हाथ तो किसी ने बोझ समझ छोड़दिया,रूके कदम तो जाने कितने अपने हमसे दूर हुयेचलते-चलते जीवन-पथ जाने कितने मुसाफ़िर मिले। कुछ ने दिखाया स्वार्थ अपना सबकContinue reading “चलते-चलते”