माँ की मोहब्बत
ख़ुशी से झूम उठी माँ जब बाल अवस्था में
जब पहला कदम हमारा जमीं पर आगे बढ़ा।
गद गद हुई माँ जब पहली दफा हमसे माँ शब्द सुना
जाते जब हम विद्यालय तो दही चीनी का शगुन
खिला कर भेजती माँ
हो जाती देर कभी घंटो दरवाज़े पर खड़ी राह
तकती हमारी माँ
देर रात तक परीक्षा के दिनों में जब हम पढ़ा करते
माँ भी साथ हमारे जगा करती,
अच्छी सेहत रहें हमारी हमेशा पौष्टिक आहार
बड़े प्रेम से बनाती माँ,
रहती व्यस्त पूरा दिन घर के कामों में थकावट की
शिकन चेहरे पर कभी न लाती माँ,
परीक्षा-फल के परिणाम के दिन हमारे घंटो
मंदिर में बैठी रहती माँ,
आते अव्वल तो हमसे ज्यादा फूली समाती माँ
रोज सवेरे उठ कर हमारी लम्बी उम्र की ईश्वर से
प्रार्थना करती माँ
सलाम है माँ तुम्हें बन सुरक्षा कवच हमारी इस धरती
पर आई माँ।
Beautiful lines 👌
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Thnx sir 🙏🏻
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